सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

श्री गणेश पूजन की सरल प्रामाणिक विधि(part_1)

 ॐ गणेशाम्बिकाभ्यां नम:!! ...

श्री गणेश चतुर्थी पर गणेश जी की सरलतम विधि से पूजन करें। भगवान गणेश जी की पूजन में वेद मंत्र का उच्चारण किया जाता है। जिन्हें वेद मंत्र न आता हो, उनकों नाम-मंत्रों से पूजन करना चाहिए।
 
स्नान करने के पश्चात अपने पास समस्त सामग्री रख लें फिर आसन पर पूर्व दिशा की ओर मुख करके आसन पर बैठकर तीन बार निम्न मंत्र बोलकर आचमन करें।
 
ॐ केशवाय नम: 
ॐ नारायणाय नम:
ॐ माधवाय नम:
 
आचमन के पश्चात हाथ में जल लेकर 'ॐ ऋषिकेशाय नम: बोलकर हाथ धो लें।

हाथ धोने के बाद पवित्री धारण करें, पवित्री के बाद बाएं हाथ में जल लेकर दाहिने हाथ से अपने ऊपर और पूजन सामग्री पर छिड़क ले।

ॐ पुण्डरीकाक्ष पुनातु, ॐ पुण्डरीकाक्ष पुनातु, ॐ पुण्डरीकाक्ष पुनातु बोलकर गणेश जी एवं अम्बिका (सुपारी में मौली लपेटकर) को स्थापित करें निम्न मंत्र बोलकर आवाहन करें।
 
ॐ गणेशाम्बिकाभ्यां नम:!! 
 
फिर कामना-विशेष का नाम लेकर संकल्प ले लें, अर्थात दाहिने हाथ में जल, सुपारी, सिक्का, फूल एवं चावल लेकर जिस निमित्त पूजन कर रहे है उसका मन में उच्चारण करके थाली या गणेश जी के सामने छोड़ दें।
 
अब हाथ में चावल लेकर गणेश अम्बिका का ध्यान करें।
 
ॐ भूर्भुव:स्व: सिध्दिबुध्दिसहिताय गणपतये नम:,
गणपतिमावाहयामि, स्थापयामि, पूजयामि च!
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गौर्ये नम:,गौरीमावाहयामि, स्थापयामि, पूजयामि च!
 
आसन के लिए चावल चढ़ाएं,
 
ॐ गणेश-अम्बिके नम:आसनार्थे अक्षतान समर्पयामि! 
 
फिर स्नान के लिए जल चढ़ाएं,
 
ॐ गणेशाम्बिकाभ्यां नम:स्नानार्थ जलं समर्पयामि!
 
फिर दूध चढ़ाएं
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,पय:स्नानं समर्पयामि!
 
फिर दही चढ़ाएं
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:, दधिस्नानं समर्पयामि!
 
फिर घी चढ़ाएं
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,घृतस्नानं समर्पयामि!
 
फिर शहद चढ़ाएं। 
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,मधुस्नानं समर्पयामि। 
 
फिर शक्कर चढ़ाएं। 
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,शर्करास्नानं समर्पयामि। 
 
फिर पंचामृत चढ़ाएं। (दूध, दही, शहद, शक्कर एवं घी को मिलाकर) 
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,पंचामृतस्नानं समर्पयामि!

फिर चंदन घोलकर चढ़ाएं।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,गंधोदकस्नानं समर्पयामि!
 
फिर शुद्ध जल डालकर शुद्ध करें।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,शुध्दोदकस्नानं समर्पयामि! 
 
फिर उनको आसन पर विराजमान करें। 
 
फिर वस्त्र चढ़ाएं।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,वस्त्रं समर्पयामि!
 
फिर आचमनी जल छोड़ दें,
 
उसके बाद उपवस्त्र (मौली) चढ़ाएं।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:, उपवस्त्रं समर्पयामि!
 
फिर आचमनी जल छोड़ दे,
 
फिर गणेश जी को यज्ञोपवित (जनेऊ) चढ़ाएं!
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाभ्यां नम:यज्ञोपवितं समर्पयामि!
 
फिर आचमनी जल छोड़ दें।
 
फिर चन्दन लगाएं।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,चंदनानुलेपनं समर्पयामि!
 
फिर चावल चढ़ाएं।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,अक्षतान समर्पयामि!
 
फिर फूल-फूलमाला चढ़ाएं। 
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,पुष्पमालां समर्पयामि!
 
फिर दूर्वा चढ़ाएं। 
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:, दुर्वाकरान समर्पयामि। 
 
फिर सिन्दूर चढ़ाएं!
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:, सिन्दूरं समर्पयामि! 
 
फिर अबीर, गुलाल, हल्दी आदि चढ़ाएं।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:, नानापरिमलद्रव्याणि समर्पयामि!
 
फिर सुगंधित (इत्र) चढ़ाएं। 
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:, सुंगधिद्रव्यं समर्पयामि!
 
फिर धूप-दीप दिखाएं।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,धूप-दीपं दर्शयामि!

फिर ऋषि केशाय नम: बोलकर हाथ धोकर नैवेद्य लगाए।
 
ॐ प्राणाय स्वाहा! ॐ अपानाय स्वाहा! ॐ समानाय स्वाहा!
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:, नैवेद्यं निवेदयामि!
 
फिर ऋतुफल चढ़ाएं।
 
ॐ भूर्भुव:स्व:गणेशाम्बिकाभ्यां नम:,ऋतुफलानि समर्पयामि!
 
फिर लौंग-इलायची, सुपारी अर्पित करें। 
 
फिर दक्षिणा चढ़ाकर भगवान गणेश जी की आरती करें।
 
फिर परिक्रमा करें! तत्पश्चात भगवान गणेश-अम्बिका से प्रार्थना करें! 
 
फिर दाहिने हाथ में जल लेकर पृथ्वी पर छोड़ दें।
 
यह बोलकर अन्य पूज्य गणेशाम्बिके प्रीयेताम न मम! 
 
इस प्रकार श्री गणेश जी की पूजन कर अपने संपूर्ण मनोरथ पूर्ण करें। 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

પિતાની અંતિમ ઇચ્છા

*પિતાની અંતિમ ઇચ્છા* મરતાં મરતાં *પિતા* એ આપી એવી *સલાહ* કે પુત્રની જીંદગી બદલાઈ ગઈ,  *દરેકે વાંચવું* એક ખૂબ જ *પૈસાદાર કુટુંબ* હતું. તેમાં *કુટુંબના વડીલ* બીમાર પડ્યા. આથી તેને પોતાના *દીકરા* ને પોતાની પાસે બોલાવીને કહ્યું કે દીકરા મારી એક *આખરી ઈચ્છા* છે જ્યારે હું મરી જાઉં ત્યારે મારી *અંતિમ યાત્રા* કાઢવામાં આવે ત્યારે મને આ *ફાટેલું મોજું* (સોક્સ) પહેરાવીને રાખજે. અને આ ઇચ્છા મારી પૂરી કરજે.અને થોડા સમયમાં પિતાજી નું *મૃત્યું* થઇ ગયું.  આથી દીકરાએ ઘેર આવેલા *પંડિત* ને પોતાના પિતાની *આખરી ઇચ્છા* જણાવી. પંડિતજીએ કહ્યું કે આપણા ધર્મમાં *અંતિમયાત્રા* માં કોઈપણ ને કંઈ પણ વસ્તુ પહેરાવી શકાતી નથી. પરંતુ દીકરાએ *પિતાજીની આખરી ઈચ્છા* પૂરી કરવાની જાણે *પ્રતિજ્ઞા* જ લઈ લીધી હતી.  ધીમે ધીમે કરતાં વાત આખા શહેરના પંડિતો સુધી પહોંચી ગઈ. પરંતુ કોઈ પંડિતે આ *પરવાનગી* આપી નહિ. અને છેલ્લે કાંઈ *નિર્ણય* આવ્યો નહીં.આથી દિકરો *નીરાશ* થઈ ગયો.  એટલા માં ત્યાં ઉભેલા બધા માણસો માંથી *એક માણસ* દીકરાની નજીક આવ્યો. અને દીકરાના હાથમાં તેના પિતાજી એ લખેલો *એક કાગળ* આપ્યો. દીકરાએ *ભીની આંખે* એ ...

RSS कोई सैन्य संगठन नहीं: मोहन भागवत

संघ में पहनी जाती है ड्रेस, लेकिन RSS कोई सैन्य संगठन नहीं: मोहन भागवत कर्मवीर के सभी दर्शको को नमस्कार 🙏 राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने एक बार फिर विपक्षियों को संघ का महत्व समझाने की कोशिश की है. उन्होंने कहा कि RSS समाज में सदभाव फैलाने वाला एक संगठन है. ग्वालियर:  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने एक बार फिर विपक्षियों को संघ का महत्व समझाने की कोशिश की है. मोहन भागवत ने कहा कि संघ कोई सैन्य संगठन नहीं है, बल्कि पारिवारिक माहौल वाला एक समूह है. 'संघ कोई सैन्य संगठन नहीं' मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) रविवार को ग्वालियर में संघ के मध्य भारत प्रांत के म्यूजिकल बैंड के समापन शिविर को संबोधित कर रहे थे. मोहन भागवत ने कहा, ‘संघ में संगीत कार्यक्रम होते हैं तो यह कोई संगीत शाला नहीं है और न ही कोई व्यायामशाला या मार्शल आर्ट क्लब है. संघ में गणवेश पहनी जाती है तो यह कोई सैन्य संगठन नहीं है. संघ तो कुटुंब निर्माण करने वाली संस्था है. ’ 'समाज बदलेगा तो देश बदलेगा' उन्होंने कहा कि संगीत, बौद्...

my thinking my decision

*my thinking my decision* part-1 My friend, pain searches for pain, you just keep writing.Always keep thinking ahead so that there is no need to look back!Thought a lot, wrote a lot, now it's time to do something, now be calm and just think about yourself, whatever happens will be exactly what you have wanted.I don't know if my opinion makes any difference to anyone? But yes, I definitely feel that my future will definitely be bright. That's all for today.. please stay connected with me thanks